समाज कार्य एवं सामाजिक न्याय

-25% समाज कार्य एवं सामाजिक न्याय

सामाजिक न्याय, समाज कार्य शिक्षण एवं अभ्यास का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। समाज कार्य का उद्देश्य सभी व्यक्तियों हेतु सामान अवसर व अनुकूल वातावरण की व्यवस्था करना है। इसलिए सामाजिक न्याय समानता, स्वतंत्रता तथा एकता में विशवास रखते हुए किसी भी प्रकार के शोषण का विरोध करता है। सामाजिक न्याय की संकल्पना को मूर्त रूप देने में जिन व्यवसायों की महती भूमिका हो सकती है, उनमें से एक समाज कार्य है क्योंकि समाज कार्य प्रत्येक व्यक्ति हेतु समानता, सम्मान, अधिकार व न्याय दिलाने हेतु सतत प्रयत्नशील है। समाज कार्य व्यवसाय न्यायपूर्ण वितरण व अवसर की समानता वाले सामाजिक संरचना की स्थापना हेतु कार्य करते हुए जाति, धर्म, लिंग, भाषा आधारित भेदभाव को अस्वीकार करता है। समाज कार्य की आधुनिकतम परिभाषाएं भी सामाजिक न्याय को एक मूल्य के रूप में स्वीकार करती है। इसीलिए, समाज कार्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों व अभ्यासकर्ताओं को सामाजिक न्याय व समाज कार्य के दार्शनिक आधार का बोध होना चाहिए। इस दृष्टि से यह पुस्तक एक उपयोगी प्रकाशन है जिसमें सभी अध्यायों में सामाजिक न्याय की अवधारणा, समाज कार्य व सामाजिक न्याय के सम्बन्ध , भारतीय संविधान में सामाजिक न्याय तथा समाज कार्य के विभिन अभ्यास क्षेत्रों में सामाजिक न्याय की उपयोगिता जैसे विषयों का समावेश किया गया है।

निमिषा गुप्ता की प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा लखनऊ में हुई थी। आप ने उत्तर प्रदेश सरकार की राजकीय सेवा में बाल विकास परियोजना अधिकारी के रूप में  वर्ष १९९९ से २००२ तक सफलतापूर्वक सेवा प्रदान की। आप ने पी एच डी प्रख्यात शिक्षाविद प्रोफेसर शम्भू नाथ सिंह के निर्देश में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से प्राप्त की। वर्त्तमान में आप समाज कार्य विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। इस अंतराल में आप ने दो पुस्तकों का लेखन तथा विभिन राष्ट्रय व अंतर्राट्रीय शोध पत्रिकाओं में पचास से भी अधिक शोध पत्रों का वाचन किया है राष्ट्रीय व अंतर्राट्रीय स्तर के सौ से भी अधिक संगोष्ठियों में सहभागिता तथा शोध पत्रों वाचन किया गया है। आप के द्वारा देश के विभिन विशवविद्यालयों सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आमन्त्रित व विशेष व्याख्यान दिये गये हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना के सर्वश्रेष्ट कार्यक्रम अधिकारी का ' विवेकानंद ' पुरस्कार से  आप सम्मानित है। आप साथ ही विशवविद्यालय के अनुसूचित जाती एवं जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विद्यार्थियों हेतु स्थापित रेमेडियल कोचिंग सेंटर के समन्वयक सहित अनेकों प्रशासनिक  दायित्वों का निर्वाह भी किया है। पांच शोध परियोजनाओं का संचालन तथा तीन शोधार्थयों ने पी एच डी उपाधि प्राप्त किया है दो शोध शोधरत हैं। चतुर्थ इंडियन सोशल वर्क कांग्रेस के सह-आयोजक सचिव सहित दर्जन भर से अधिक संगोष्ठी व सम्मलेन के आयोजन में योगदान दे चुकी हैं। अकादमिक रुचियों के क्षेत्र महिला कल्याण, बाल कल्याण, समाज कार्य शोध, परिवार कल्याण आदि शामिल है।

बंशीधर पाण्डेय युवा समाज वैज्ञानिक,कर्मठ शिक्षक एवं लेखक हैं। प्रारम्भिक शिक्षा वाराणसी से प्राप्त की। बी एस सी के उपरान्त आपने समाज कार्य में स्नातकोत्तर उपाधि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से प्राप्त की। इसके पशचात आपको प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रोफेसर शम्भू नाथ सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत शोध "विचलित किशोरों की समस्याओं का मनोसामाजिक आध्ययन " पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ने पी एच डी की उपाधि से अलंकृत किया। ततपश्चात नियुक्ति अवधेश प्रताप सिहं विष्वविद्यालय, रीवा, मध्य प्रदेश में प्राधायापक समाज कार्य रहे। वर्त्तमान में आप वाराणसी में समाज कार्य विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। आपकी दो पुस्तकें एवं ६० से अधिक शोध पत्र देश की प्रख्यात पात्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। आपकी आकाशवाणी, वाराणसी केंद्र से अनेक रेडियो वार्ताएं भी प्रसारित हो चुकी हैं। आप सौ से अधिक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस, सेमीनार तथा कार्यशालाओं में अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। उच्च कोटि की कर्तव्यपरायणता, मेहनत तथा उत्साह से प्रभावित हो कर आपको माननीय कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ने  स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सम्मान पात्र सम्मानित किया जा चुका है। आपके निर्देशन में शोधार्थियों ने पी एच डी उपाधि प्राप्त कर ली है तथा दो शोध छात्राएं शोधरत हैं।  आपने राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक पद पर कार्य करते हुए मतदाताओं को जागरूक करने की अनूठी पहल की, जिसके लिए आपको ' राज्यपाल  पुरस्कार ' से भी सम्मानित किया जा चुका है। सम्प्रति आप विशवविद्यालय में, विशवविद्यालय सेवायोजना सूचना एवं मंत्रणा केंद्र के प्रमुख एवं विशेष प्रकोष्ठ के समन्वयक का भी दायित्व निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इन्हे विशवविद्यालय के अनेकों प्रशासनिक पदों को भी सुशोभित किया है। आपने विशवविद्यालय स्तर पर अनेकों साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, क्रीड़ा तथा एन एस एस गतिविधियों का सफल आयोजक किया है। शोध के क्षेत्र में विशेष योग्यता रखने वाले बंशीधर पाण्डेय ने छः परियोजनाओं का संचालन किया है। चतुर्थ इंडियन सोशल वर्क कांग्रेस के आयोजन सचिव सहित अनेकों संगोठियों व सम्मेलनों का सफल आयोजन भी आपके द्वारा किया गया है। आपकी अकादमिक रुचियों का क्षेत्र बाल कल्याण, सांख्यिकी, परिवार कल्याण एवं कार्य दर्शन है।



Product details


Publisher: AlterNotes Press (2017)

Language: Hindi

ISBN 978-81-933128-6-5

Hardbound: xxviii+308 pages

Product Dimensions: 5.5 x 9


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